स्वस्तिक बनाम हेकेनक्रेज़ के बीच अंतर:

स्वस्तिक और हेकेनक्रेज़ दो प्रतीक हैं जिनका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है लेकिन वे विभिन्न संदर्भों और अर्थों से जुड़े हैं।

मूल और सांस्कृतिक महत्व: स्वास्तिक: प्राचीन भारत: स्वस्तिक की जड़ें प्राचीन भारतीय संस्कृति में हैं

और इसे मानव इतिहास के सबसे पुराने प्रतीकों में से एक माना जाता है।

संस्कृत में, "स्वस्तिक" का अर्थ है "कल्याण" या "शुभता"।

हेकेनक्रेज़: नाज़ी जर्मनी: 1920 के दशक की शुरुआत में हेकेनक्रेज़ प्रतीक

नेशनल सोशलिस्ट जर्मन वर्कर्स पार्टी (NSDAP) या नाज़ी पार्टी के प्रतीक के रूप में उभरा।

इसे एडॉल्फ हिटलर ने नाजी विचारधारा के एक दृश्य प्रतिनिधित्व के रूप में अपनाया था,

जिसने आर्यन नस्लीय वर्चस्व, यहूदी-विरोधी और अधिनायकवाद को बढ़ावा दिया था।